सावधान! पुराने सिक्के (Old Coins) खरीदने वाले लोग, करोड़पति बनने का सपना दिखाकर ऐसे करते हैं ठगी!
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां पुराने सिक्कों और नोटों के बदले लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाकर लोगों को ठगा जा रहा है। दुमका के एक शख्स की कहानी इसी साइबर क्राइम की पोल खोलती है। यह कहानी न केवल साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाती है, बल्कि यह भी सिखाती है कि लालच में आकर कैसे लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं।
साइबर ठगी का नया तरीका: पुराने सिक्कों का जाल
आजकल साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को फंसा रहे हैं। इनमें से एक तरीका है पुराने सिक्कों और नोटों के बदले लाखों रुपये देने का झांसा देना। दुमका के रहने वाले राजेश पुजहर भी इसी जाल में फंस गए। उन्हें फेसबुक पर एक ऐड दिखा, जिसमें दो रुपये के पुराने सिक्के और पांच रुपये के नोट बेचकर छह लाख अस्सी हजार रुपये कमाने का प्रलोभन दिया गया था।
राजेश के पास ऐसे सिक्के थे, इसलिए उन्होंने दिए गए नंबर पर कॉल कर दिया। यहीं से उनकी मुश्किलें शुरू हो गईं।
कैसे हुई ठगी?
- फेसबुक पर दिखा झांसा: राजेश ने फेसबुक पर एक ऐड देखा, जिसमें पुराने सिक्के बेचकर लाखों रुपये कमाने का दावा किया गया था।
- कॉल करने पर पंजीकरण का झांसा: कॉल करने पर उनसे एक अकाउंट पर 1150 रुपये का पेमेंट करवाया गया।
- विश्वास जताने के लिए दस्तावेज मांगे: ठगों ने राजेश का विश्वास जीतने के लिए आधार और पैन कार्ड की कॉपी मांगी।
- पैसे जब्त होने का बहाना: राजेश को बताया गया कि उनके पैसे मुंबई एयरपोर्ट से देवघर भेज दिए गए हैं, लेकिन आयकर विभाग ने उन्हें जब्त कर लिया है।
- धमकी और अधिक पैसे की मांग: राजेश से दस हजार रुपये और फिर ग्यारह हजार रुपये की मांग की गई। मना करने पर उन्हें धमकी भरे कॉल आने लगे।
साइबर ठगी से बचने के टिप्स
- अज्ञात नंबरों पर विश्वास न करें: किसी भी अज्ञात नंबर से आए कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें।
- पुराने सिक्कों और नोटों के झांसे में न आएं: याद रखें, पुराने सिक्के और नोट बेचकर लाखों कमाने का कोई वैध तरीका नहीं है।
- व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: कभी भी अपने आधार, पैन कार्ड, या बैंक डिटेल्स किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- साइबर पुलिस से संपर्क करें: यदि आपको किसी प्रकार की धोखाधड़ी का शक हो, तो तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करें।
साइबर क्राइम के खिलाफ सरकारी पहल
सरकार और साइबर पुलिस लगातार लोगों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक कर रही है। हाल ही में, कॉल करने से पहले एक चेतावनी संदेश भेजने की व्यवस्था शुरू की गई है, ताकि लोग साइबर ठगी से बच सकें।
राजेश पुजहर की कहानी हमें यह सिखाती है कि लालच में आकर हम कैसे अपनी मेहनत की कमाई गंवा सकते हैं। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच, यह जरूरी है कि हम सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के झांसे में न आएं। यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा होता है, तो तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करें।
साइबर सुरक्षा का मंत्र: “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”
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